आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

एक ख्वाब

                
                                                         
                            एक ख्वाब एक ख्वाब देखा है जो बहुत हसीन है,
                                                                 
                            
सिर पे आसमान और पैरों के नीचे ज़मीं है
बेपरवाही बहुत अच्छी है यारो
बेफिक्र जिंदगी की राहें बड़ी रंगीन हैं
क्या खोया क्या पाया हमने यहां
इसी कशमकश में खुशियां गमसीन है
हम बुलंदियों को छू जाएं
ऐसा हुनर रखते हैं
अभी वक्त हमारा हमसे उदासीन है।।
-ममता अत्रि
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर