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समर्पण इस देश के लिए !

                
                                                         
                            राजघाट पर लेटे उस बंदे ने, देखा भारत एक महान,
                                                                 
                            
जिसके आगे झुक गई दुनिया, और हुआ देश आज़ाद।

मैंने देखा, उसने देखा, विकसित भारत एक चमत्कार,
पर राजकोषीय सत्ता ने, कर दिया इसका अपमान।

नेहरू, वल्लभ, अंबेडकर ने, देखी एक नई उड़ान,
पहली किरण से पहले ही, बना दिया आज़ाद हिंदुस्तान।

जन-जन से अब उठी हुंकार, अब गूंजेगी एक झंकार,
युग-युग तक अब गूंजेगा यह—भारत माता रहे महान!
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3 घंटे पहले

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