सब किस्मत का खेल है,
मेल अपना ई-मेल है ।
सब किस्मत का खेल है,
गुनहगार कर रहा है ऐश,
बेकसूर जा रहा जेल है।
सब किस्मत का खेल है,
बाज़ार में छाई है मंदी,
ऑनलाइन करोड़ों की सेल है।
सब किस्मत का खेल है,
जिस पटरी पर चलती है,
उसी से उतर जाती रेल है।
सब किस्मत का खेल है,
सब किस्मत का खेल है,
नकल करके बच्चा हुआ पास,
नौकरी पाने में फेल है।
सब किस्मत का खेल है,
किसी के घर जगमगा रहे रोशनी से,
किसी के घर में दियों के लिए भी नहीं तेल है।
सब किस्मत का खेल है,
पाकिस्तान की नज़र नीच,
अब भारत के पास राफेल है।
सब किस्मत का खेल है,
सब किस्मत का खेल है।
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X