भटकते फिरते आशियाना ढूंढ लेंगे
हम परिंदे अपना ठिकाना ढूंढ लेंगे
तुम्हे कब कहा है मेरे साथ चलना
हम अकेले ही खजाना ढूंढ लेंगे
ऐ समंदर तेरे थपेड़ों से है परेशान
गर तू साथ दे तो किनारा ढूंढ लेंगे।
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