कुछ अनकहे शब्द
कुछ अधूरे वादे
और चुप चाप किए हुए अलविदा
खामोशी में लिपटे हुए जवाब
शोर में दबे हुए सवाल
वक्त के साथ कटती हुई जिंदगी
और हस्ते हुए दर्द
बेचैनियो में कटी रातें
सुकून ढूंढते ज़ख्म
कुछ खो देने का मलाल
कुछ पा लेने का जुनून
कुछ छुटते हुए हाथ
कुछ न चाह के भी मिले हुए पल
बस.......
इन्हीं के बीच चलती हुई साँसें
और ठहरी हुई धड़कन
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X