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सच्चा बच्चा

                
                                                         
                            था जब बच्चा तो मैं भगवान का रूप बना,
                                                                 
                            
हनुमान का अंश, राम का स्वरूप बना...
जो आई जवानी जीवन में... धीरे-धीरे सब रूठ गया,
अब वो बच्चा दूर गया, अब वो सच्चा दूर गया...
लोग नज़र अब तीरों से, देखें अब गंभीरों से...
अच्छा होता बच्चा होता, सच्चा होता बच्चा होता...
वो जो बच्चा माँ के साए में घूम रहा था,
माँ के आँचल को समझ दुनिया, झूम रहा था...
धीरे-धीरे आँचल छूट गया,
धीरे-धीरे आँगन छूट गया...
पहुँच कर सड़क पर दुनिया बदली, लोग बदले, नज़ारे बदले,
मस्तक पर रखे कई सितारे बदले...
जो होता बच्चा तो सच्चा होता,
ना बदलते लोग, ना नज़ारे बदलते,
ना मस्तक पर रखे कोई सितारे बदलते...
अच्छा होता बच्चा होता, सच्चा होता बच्चा होता...
 
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2 घंटे पहले

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