सदा साथ निभाने केलिए जिस्म-ए- फ़ानी का शुक्रिया अदा कीजिए
कुछ कीजिए न कीजिए फ़िक्रो-ख़्याल अब इस तन का सदा कीजिए
-एन आर कस्वाँ
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