रावण को जलाने का दस्तूर पुराना है
लकीर का फ़कीर यह सारा जमाना है
ज़माने में जीना ज़माने में मरना हमको
रस्म-ओ-रिवायत ज़माने की निभाना है
-एन. आर. कस्वाँ
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