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मन की बात

                
                                                         
                            दिल खोलकर आज - कल मन की बात कौन करता है
                                                                 
                            
जानबूझकर मुश्क़िल खुद अपनी हयात कौन करता है!
दुश्वारियां वैसे भी क्या कम है यहाँ इस जीवन में हमारे
अंदरकी बताकर बात मुश्क़िलात तैनात कौन करता है!
-एन आर कस्वाँ
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3 घंटे पहले

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