मोहब्बत की बात तो छोड़िए जनाब हमें तो नफ़रत तक करनी नहीं आती
अहसासे-वस्लो-विसाल जबसे गया हयात में हमको कोई शय नहीं सताती
-एन आर कस्वाँ
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