उजाले सारे ऐसे लेगया कोई हमारी हयात से
गायब हो गया हो आफ्ताब जैसे क़ायनात से
हर वक़्त अच्छा लगता हरबात अच्छी लगती
अब कोई फ़र्क नहीं पड़ता किसी की बात से
-एन आर कस्वाँ
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