ऐसा तो नहीं है कि किसी का कुछ नहीं लिया हमने!
मगर बहुतों को बहुत कुछ दिया हमने!
ऐसा भी नहीं है कि किसी ने कुछ नहीं किया मेरे लिए! मगर बहुतों के लिए बहुत कुछ किया हमने!
अपने पराए की बात कभी मन में आया ही नहीं,
किसी गैरों से भी कभी दगा नहीं किया हमने!
बहुत संभव है कि गलतियां हुई होंगी अनजाने में,
मगर जान बूझ कर किसी का बुरा नहीं किया हमने!जिसने जब भी मांगी थोड़ी सी भी रौशनी मुझसे,
उसके लिए अपना घर तक जला दिया हमने!
मैंने दुश्मनी भी निभाई तो निभाई बड़ी शराफ़त से,
वार नहीं किया हाथों से,बस नजरों से गिरा दिया हमने!
ये जानकर भी कि वो तुला हुआ है करने को बर्बाद मुझे,
हर समय हर पल जिसकी सलामती की दुआ किया हमने!
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