गलतियां हम सभी जानते हैं।
गलतियां भी जीवन में होती हैं।
बस गलतियां की राह कहतीं हैं।
अपराध और हालात समझते हैं।
गलतियां से ही शिकायत बनतीं हैं।
न्याय और व्यवस्था के हम साथ हैं।
नीरज शब्दों में गलतियां लिखते हैं।
क्षमा माफ़ भी गलतियां के साथ हैं।
हम सब की सोच अपनी रहतीं हैं।
हां अहम और वहम हम रखते हैं।
अपने पराए के साथ हम सोचते हैं।
गलतियां ही तो संघर्ष हमें सिखाती हैं।
अपराध क्राइम गलतियां की राह होती हैं।
बस एक सोच हमारी अपनी बतातीं हैं।
उम्र और हालात में माफी देना बनता हैं।
धन और ताकत के साथ हम बढ़ जातें हैं।
समय बीता और पछतावा ही रह जाता हैं।
मृत्यु और वृद्ध हालात में गलतियां रह जाती हैं।
गलतियां बस एक हमारी सोच के साथ रहती हैं।
आओ मिलकर हम सब सोचते समझते हैं।
-नीरज कुमार अग्रवाल
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