जब तुम सफल हो जाओगे,
शायद मुझे याद भी न कर पाओगे,
नई राहों, नई मंज़िलों में
बहुत दूर निकल जाओगे।
पर मेरी दुआ रहेगी साथ,
हर कठिन घड़ी, हर मोड़ पर,
तुम्हें हिम्मत मिलती रहे
जीवन की हर चुनौती पर।
मैंने तुम्हें पंख दिए हैं,
अब आकाश तुम्हारा है,
उड़ना अपनी मेहनत से,
यह संसार तुम्हारा है।
बस इतना याद रखना—
ऊँचाई पर जाकर झुकना,
जिस हाथ ने थामा था तुम्हें,
उस हाथ को कभी न भूलना।
तुम्हारी जीत में मेरी खुशी,
तुम्हारे चरित्र में मेरा मान,
तुम अच्छे इंसान बन जाओ—
बस यही है मेरी पहचान।
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