ये दिल्ली है ज़नाब
सम्मान आपका
सपने को उड़ने की हवा देता
अभिमान आपका
पैदल चलने की जगह नहीं
इंसानो की भीड़ में
मेहनतकश ही बना सकेंगे
इमान आपका
लाल किला और अक्षरधाम
जामा मस्जिद और कुतुबमीनार
सबने एक सम्मान गढ़ा
इतिहास आपका
भीड़ यहां है लोगों की
जो ठहरा वो पिट जायेगा
पक्के इरादे है तेरे तो
होगा फिर गुणगान आपका
नंबर एक की होड़ लगी है
जन्नत सबको चाहिये
ये दिल्ली है ज़नाब
अभिमान आपका
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