केन्द्रीय विद्यालय संगठन, चमकता हुआ सितारा है
धूम केतु सा आसमान में, विद्या की अमृत धारा है
उच्च कोटि की शिक्षा से, बचपन का निर्माण यहाँ
विज्ञानी दृष्टिकोण की शैक्षिक विचारधारा है
शिक्षा है जगत निर्माता, ज्ञान की अविरल धारा है
भारत भाग्य विधाता हो, हम सबके मन का नारा है
विद्यालय शिक्षार्थ आईये, दृढ़ निश्चय सेवार्थ जाईये
चेहरे पर मुस्कान सदा हो, शिक्षा यही इशारा है
नन्हे मुन्ने बच्चों की, उम्मीदों का तारा है
खेल मे विज्ञान सीखना, अद्भुत बड़ा नजारा है
दृढ़ प्रतिज्ञ और ज्ञान दायनी, शिक्षा बहती चारो ओर
पुस्तक बैठ के पढ़ने का, मजा बड़ा ही प्यारा है
शिक्षा मानवता की सृजनी, जीवन का उजियारा है
सूचना की स्रोत किताबें, ज्ञान का फव्वारा है
मानव मूल्य का मान बढ़ाएं, विद्या सब में अलख जगाए
एक है भारत श्रेष्ठ भारत,यह अभियान हमारा है
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