अपने जज्बात दबा रखा तो बुरा क्या है
तुझको दिल मे बसा के रखा तो बुरा क्या है
तुम राजदार हो मेरे, कातिल भी तुम्ही हो
तुझको दिलदार बना रखा तो बुरा क्या है
मोहम्मद तस्वीरूल इस्लाम
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