हांड मांस का पुतला है तु , तेरी क्या औकात यहाँ
तू मजदूर है बात जान ले वरना बहुत पछतायेगा
तेरा काम हैं मेहनत करना , ना की कुछ मुंह से कहना
शांत रह, काम कर , अब घर ना तू जा पायेगा
मजदूरों की लाशें आज कटी रेल की पटरी पर
अभी समय है बात समझ ले ,वरना भूखा मारा जायेगा
नेताओं को बस चिंता है आज यहाँ मधुशाला की
मदिरा पीके भूल गए ये काम क्या कर पायेगा
मजदूरी की सबको पड़ी है ना तेरे मजबूरी की
भूल जा परिवार को अपने , अब ट्रैन नहीं चल पायेगी
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