अगर स्वस्थ्य रहना है हमको,
करना होगा हमको योग।
योग की प्रक्रिया है सबसे उत्तम,
हम सब करें अनुलोम -विलोम।
प्रातः सूर्य नमस्कार करने से,
बनेंगें हम सब ऊर्जावान।
आसन करना बहुत जरूरी,
कर लें हम सब प्राणायाम।
मांसपेशियाँ सुदृढ़ हैं होती ,
योग ही है जीवन आधार।
स्वांस रोकने की प्रकिया से,
रक्त में होगा नव संचार।
मुक्ति मिलेगी प्रचंड पीड़ा से
शरीर मे होगी चुस्ती फुर्ती।
योग करने से मन चेतन होगा,
और होगी कुशाग्र बुद्धि।
योग से होगी निरोगी काया,
योग की देखो यही है माया।
ध्यान योग ऐसी विद्या है,
आत्मविश्वास बनेगा हमारा साया।
योग से महत्व की करो पहचान,
इसी से बनें जीवन-जहान।
योग से मिलती अद्भुत शक्ति ,
जग का करती ये कल्याण ।
मानसी मित्तल
उत्तर प्रदेश
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X