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प्रणब दा

                
                                                         
                            मृदुल सौम्य प्रज्ञा प्रखर मुखर्जी।
                                                                 
                            
किन्तु वक्ता मुखर मुखर्जी।।
बांग्ला, संस्कृत अंग्रेजी के पण्डित।
राजनीति के चाणक्य मुखर्जी।।

विदेश, वित्त, रक्षा मंत्री।
राष्ट्रपति पद शोभित किये मुखर्जी।
नीतिज्ञ, अर्थशास्त्री, कानून विशेषज्ञ।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी मुखर्जी।।

निष्ठावान, विद्वान सलाहकार ।
'संकट मोचक' हुए सिद्ध मुखर्जी।।
'श्रेष्ठ सांसद' और 'पद्म विभूषण' ।
'भारत रत्न' से नवाजे गए मुखर्जी ।।

शुचिता की मूरत आप प्रणब 'दा' ।
छोड़ बड़ा गए शून्य मुखर्जी ।।

-- मनोज खण्डूजा


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6 वर्ष पहले

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