काम के हो तो पुजते रहोगे
व्यर्थ हुए तो पूछेगा कौन
जल से है अस्तित्व नदी का
सूखी तो दरिया कहेगा कौन
मतलब के सब साथी हैं
बिन मतलब के साथ है कौन
मतलब से सब मिलते हैं
बिन मतलब मिलता है कौन
-मं शर्मा
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