आई है रात आज ममता का आँचल ओढ़े।
है खामोश,
लग रहा है गुनगुना रही है,
कोई मीठी लोरी गा रही है,
नींद आ जाए उसकी लाडली को,
लेकर अपनी बाँहों मे,
ओढ़ा कर ममता का आँचल,
थपथपा कर सुला रही है,
आई है रात आज ममता का आँचल ओढ़े।
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