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गम ये जिन्दगी

                
                                                         
                            लोग अपने खुशियों से खुश हैं ,
                                                                 
                            
हम अपने गमों मैं जीकर खुश हैं
वो खुशियों में खुश होकर हंसते हैं,
हम दर्दे गम सहकर हंसते हैं ।
जिंदगी भी उन्हे मुस्कराने का मौका देती है,
और हमे दर्द का तोहफा देती है।
वो डर डर के जीते है अपनी मौत से ,
हम हर पल मौत के लिए जीते है।
वो अपनी कामयाबियों से एक मुकाम बनाते हैं,
हम तो अपनी बर्बादियो को अपनाकर दूसरो को ,
कामयाबी की राह दिखाते हैं।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

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