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माँ, तुम तो पीछे पड़ जाती हो

                
                                                         
                            कह तो दिया है भूख नहीं है
                                                                 
                            
थाली लिये खड़ी हो जाती हो
माँ,तुम तो पीछे पड़ जाती हो।
रोज ही तो आती हूँ समय से
फिर वही जल्दी आ जाना
माँ, तुम तो पीछे पड़ जाती हो।
अनजान जगह अकेले जाना ना
हरदम यही पाठ पढ़ाती हो
माँ,तुम तो पीछे पड़ जाती हो।
बदली छाई है बरसी तो नहीं हैं
छातें की जिद पर अड़ जाती हो
माँ,तुम तो पीछे पड़ जाती हो।
मैं जागूँगी रात मे मुझे पढ़ना है
तुम क्यों सो नही जाती हो
माँ,तुम तो पीछे पड़ जाती हो।
स्नेह अगर मुझसे इतना ही
तो क्यों विदा करना चाहती हो
माँ,तुम तो पीछे पड़ जती हो।
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2 वर्ष पहले

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