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जिसके सिवा सुकून के तसव्वुर में भी कोई और न था।

                
                                                         
                            हम उसके न हुए, ये मुक़द्दर की बात थी,
                                                                 
                            
शायद उसे चाहना भी हमारे इख़्तियार में न था।
ग़म तो उस शख़्स के किसी और का हो जाने का है,
जिसके सिवा सुकून के तसव्वुर में भी कोई और न था।

 
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2 घंटे पहले

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