जिन्होंने देश में गुलामी देखी
उन्होंने सब कुछ बलिदान किया।
जिन्होंने उस बलिदान को समझा,
वे देश की रक्षा में आज भी लगे हैं।
बेशक हम तिरंगा ऊंचा करते हैं एक दिन,
इस दिल में तिरंगा हर रोज सजेगा।
आजादी का उत्सव आया है दोस्तो,
हर घर में तिरंगा अब खूब उड़ेगा।
- लक्ष्मी वर्मा 'प्रतीक्षा'
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