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प्राचीन भारतीय विज्ञान

                
                                                         
                            गैलीलियो से पहले जिसने, भूगोल बताया।
                                                                 
                            
धरती गोल है, यह सत्य सब को समझाया।।
न्यूटन से सदियों पहले था, यह ज्ञान हमारा।
भास्कराचार्य ने गुरुत्वाकर्षण, पहचाना सारा।।
शल्य चिकित्सा का जनक, सुश्रुत को मानों।
प्लास्टिक सर्जरी की कला को, तुम प्राचीन जानों।।
पेड़-पौधों में भी जीवन है, यह शोध हमारा।
जगदीश बसु ने दुनिया को, फिर से है पुकारा।।
कणाद ऋषि ने अणुओं का, रहस्य था खोला।
डाल्टन से पहले परमाणु का, सिद्धांत था बोला।।
लौह स्तंभ खड़ा है देखो, सदियों से अविचल।
जंग नहीं लगता उस पर, कैसा है वो संबल।।
दूरी सूरज की सटीक, हमीं ने थी नापी।
फिर क्यों पश्चिम की किताबों की, करते हैं कॉपी।।
हम ही विश्वगुरु थे, और हम ही रहेंगे।
अपने वेदों के विज्ञान को, गर्व से कहेंगे।।
 
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एक घंटा पहले

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