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हसीन सपना

                
                                                         
                            वो एक स्पर्श,
                                                                 
                            
उड़ती कास के फूलों का।
ले जाता है मन को,
स्वप्निल दुनिया में।
जहां - मै और सिर्फ मै,
घिरी प्रकृति की,
अनूप नज़ारों से,
रंग - बिरंगी तितलियां,
घूमते बादल और
वादी को प्रकाशित करता सूर्य,
सबकी अपनी जगह,
अपना महत्व,
हरियाली,रंगीनी और श्वेतांबर
सबकुछ जैसे एक दूसरे के पूरक।
बस,थम जाने को दिल करता है।
इनमें रम जाने को दिल करता है।
-कुमारी प्रियंका
 
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6 घंटे पहले

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