पाक रमजान के बाद मीठी ईद की बहार है,
रूह ए मोहब्बत से गले मिलने का त्योहार है,
ग़म दर्द से दूर हर एक के चेहरे पे मुस्कान है,
कोई आज मायूस न हो इतना दिलों में प्यार है,
सारा माहौल इत्र और गुलों की महक से महके,
रंजिश भूल कर आओ मीठी सिवैयों की बहार है,
आओ मांगे दुआ खुदा से सूबे में अमनचैन रहे,
मिट जाएं नफरतें आया मोहब्बत का त्योहार है
पूरा बाजार नफरतों की दुकानों से भरा हुआ है
आओ जड़ से मिटा दें दिलों में भरा जो जहर है
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