चाय चल रही है, चाय के साथ पकौड़ा भी चलेगा,
चौकीदारों के दम से ही ये भारतवर्ष भी चलेगा।।
साम्प्रदायिकता के नाम पर अब देश नहीं छलेगा,
इसीलिए प्रपंच और ढोंगियों का डंका नहीं बजेगा।
धर्म की आड़ में कठमुल्लो का फतवा नहीं होगा ,,
सनातनियों का देश तभी उच्च शिखर पर पहुंचेगा।
- अवध बिहारी मिश्र
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