आनंद महिंद्रा का सपना है
(ट्रैक्टर पर कविता)
महिंद्रा २६५ की थीम ही ऐसी ,
ज्यों दुल्हन बैठी हो पट मैं ,!
सर्च लाइट की इन आंखों से ,
वो झांक रही हो घूँघट में !!
इसका ड्राइवर थके न हारे ,
उस पर चाल बड़ी मतवाली ,!
धान की मुंडरी पर ऐसे घूमे ,
बसंत में तितली फूलों बाली !!
इसके हर काम में मस्ती ,
डेलों में ले लाए हरियाली ,!
गर्मी में भी जाकर काम करे ,
कोई होती नहीं परिशानी !!
सावन भादों में लगती ऐसे ,
ज्यों बारिश की महारानी ,!
रेशम जैसी टायर मैं नरमी ,
फिर चाल चले मस्तानी !!
जब से आर डी आर में टैस्ट हुई ,
महिंद्रा गुड से वैटर वेस्ट हुई ,!
मस्त मिज़ाजों से रंगीन हुई ,
तब से महिंद्रा 265 क्वीन हुई !!
स्टीयरिंग की मूविंग इतनी प्यारी ,
एक पैर पर मुडती है ,!
सुनकर साउंड महिंद्रा का ,
पड़ोसी के दिल बिजली गिरती है !!
आज महिंद्रा ने दिया भरोसा ,
इसमें सब कुछ अपना है ,!
भारतवर्ष की शान किसान बने ,
आनंद महिंद्रा का सपना है !!
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