यह भारत देश हमारा,
सबसे न्यारा सबसे प्यारा।
हिमालय की चोटियां,
और समुद्रों का किनारा।
यहां की बहती निर्मल नदियां,
जिन्हें देख बीती कई सदियां।
उत्तर में पर्वतों का साम्राज्य,
जिनमें बसे है कई राज्य।
दक्षिण का सागर सुदूर,
जो बढ़ाता हमारा गुरूर।
पूर्व – पश्चिम के वो पड़ोसी देश,
जिनके अलग भाषा अलग वेश।
भारत का है स्वर्णिम इतिहास,
जिन्हें पढ़ इसकी महानता का होता आभास।
जहां श्रीराम ने जन्म लिया,
अपने पिता के वचन के लिए गृह त्याग किया।
जहां श्री कृष्ण ने जन्म लिया,
लोगों को मानवता का उपदेश दिया।
कई महापुरुषों की यह जन्मभूमि,
कई राजाओं की यह रणभूमि।
हमने इस विश्व को पढ़ाया,
सभी धर्मों से अवगत कराया।
अंग्रेजों ने यहां शासन किया,
हमने उनसे लोहा लिया।
क्रांतिकारियों ने किया आह्वान
अपने प्राणों का दिया बलिदान।
यहां की भाषा में है विविधता,
परंतु लोगों में है एकता।
अब भारत तकनीक की ओर बढ़ रहा है,
हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
अपने इस देश को स्वर्ग सा बनाए,
सदैव इसके ही गुण गाए।
यह भारत देश हमारा,
सबसे न्यारा सबसे प्यारा।
-जीत कुमार प्रसाद
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