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मां के ममता के आंचल

                
                                                         
                            मां के ममता के आंचल के एक दिन हम सब हो जाएंगे
                                                                 
                            
धरती मां के इस आंचल में एक दिन हम सब खो जाएंगे
मां ने सबसे पहले चलना, बोलना और पढना सिखाया
माँ ने हमें यही बतलाया पढ़ो तुम ऐसे जैसे प्रकाश की तरंगे चलती है वैसे
मां के ममता के आंचल के एक दिन हम सब हो जाएंगे
धरती मां के इस आंचल में एक दिन हम सब खो जाएंगे
तुम अपना नाम अमर कर जाना इस धरा पर ताकि लोग ढूंढे तुम्हें इस मिट्टी के धरा पर
अमर हो जाएंगे वो गांव वो बगिया वो परिवारीक नाम जिससे तेरी हो जाएगी पहचान
मां के ममता के आंचल के एक दिन हम सब हो जाएंगे
धरती मां के इस आंचल में एक दिन हम सब खो जाएंगे
माँ अमर कर जायेगे सारे जहाँ का नाम उस दिन
जब भारत माँ के आँचल में लिपटे हुये आएंगे हम
मां के ममता के आंचल के एक दिन हम सब हो जाएंगे
धरती मां के इस आंचल में एक दिन हम सब खो जाएंगे
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2 वर्ष पहले

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