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मजलूमों कों कभी तुम सताना नहीं

                
                                                         
                            हम रहे ना रहे तुम भी रोना नहीं
                                                                 
                            
पलके अपनी कभी भी भिगोना नहीं

तुम समझते हो कि रेज़ा हो जायेगा
आख़िर दिल है मेरा ये खिलौना नहीं

अजी होते है दीवार के कान भी
राज दिल मे रखो तुम बताना नहीं

कोई हिन्दू नहीं कोई मुस्लिम नहीं
पहले इंसा बनो तुम यू लड़ना नहीं

हाय लगती है तुम राख़ हो जाओगे
मजलूमों कों कभी तुम सताना नहीं
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14 minutes ago

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