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है जिनमें गलती नहिं बोलत हिंदुन का पहिनावत फंदा।

                
                                                         
                            बात करै वह नारिन कै पर लोग कहैं वहिका मति मंदा।
                                                                 
                            
राम प्रभू नहिं लागइ नीकि मुला नित भावति है छर छंदा।
ग्रंथ सनातन कै अपमान करै नित ही अतना वह गंदा।
है जिनमें गलती नहिं बोलत हिंदुन का पहिनावत फंदा।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
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37 मिनट पहले

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