वंदन की भूमि है,चंदन की भूमि है,
वनों की भूमि है, तपोवन की भूमि है,
यह तप की भूमि है,यज्ञ की भूमि, वाल्मीकि,बौद्ध, महावीर की भूमि है,
चाणक्य और आर्यभट्ट की भूमि है,
शिक्षा की जननी है,भारत माता है भाग्य विधाता है,
गंगा बहती,यमुना बहती, पड़ोस में बहती अलकनंदा|
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