परिवार के लोग भले नहीं।
तेरा घर मुझे क्रूर लगता है।
कौन गली कौन मोहल्ला।
तेरा घर मुझे दूर लगता है।
प्राप्त करने की आस में।
तेरा घर मुझे सुरुर लगता है।
तेरे घर की चमक तेज है।
तेरा घर मुझे घूर लगता है।
अंधेरा है बेवफाईयों का।
तेरा घर मुझे नूर लगता है।
तू बनी है शायद मेरे लिए।
तेरा घर मुझे जुहूर लगता है।
सोहल तुझ पर मरने लगा।
तेरा घर मुझे हूर लगता है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X