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आओ सुनाऊँ तुम को फ़साना बिहार का

                
                                                         
                            आओ सुनाऊँ तुम को फ़साना बिहार का
                                                                 
                            
दिल में छुपा रखा हूँ ख़ज़ाना बिहार का

कौटिल्य भी हुए यहाँ, प्रसाद भी हुए
सदियों ऋणी रहेगा ज़माना बिहार का

नालंदा की ज़मीं पे जला इल्म का चराग़
हर लब पे छा गया है तराना बिहार का

पूछे जो तुझ से नाम कहीं अपने देश का
हर एक हर्फ़ पढ़ के बताना बिहार(BIHAR) का

हर सिम्त छा गई है फ़िज़ाओं में रौशनी
मौसम है कितना देखो सुहाना बिहार का

चीन-ओ-जपान देख लिया, देखा है मुल्क-ए-शाम
धरती पे हर तरफ़ है ठिकाना बिहार का

सरवर बताओ ऐसा कोई देश है जहाँ
रहता न हो जहाँ पे दीवाना बिहार का
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22 घंटे पहले

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