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आपदा का फायदा

                
                                                         
                            कहा महाराज ने, राष्ट्र का हो यह कायदा।
                                                                 
                            
ना मातम ना पूर्सी, हो आपदा का फायदा।।
जनता भी समझी और रहती हरदम तैयार।
जो भी मिल जाए, उठा ले ज्यादा से ज्यादा।।
शाह खुश, वजीर खुश, खुश रहते हैं सब अफसरान।
कुछ तकलीफें होतीं, जो नाखुशी से सहता हर प्यादा।।
जब जब आता है चुनाव, हर नेता करता है एक ही वायदा।
चाहे कर्ज में डूब मरे, घी खिलाकर देंगे आपदा का फायदा।।
जय हिन्द जय भारत! वन्देमातरम!! भारत माता की जय!!!
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2 घंटे पहले

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