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नखराली ज़िंदगी

                
                                                         
                            ‎गर ज़िंदगी, कभी नाच नचाये,
                                                                 
                            
‎कोशिश करने पर भी, खूब भगाये,
‎थोड़ा ठहर कर, नाच लेना चाहिए ।
‎सेहत के लिए, थोड़ा भाग लेना चाहिए ।
‎आखिर, ज़िंदगी तुम्हारी है, तुम्हारी ही रहेगी,
‎एक दिन, थक हारकर,
‎और, ढेर सारे, नखरे दिखाकर,
‎वापस आ ही जाएगी ।
‎बस, अभी खेल रही है जिंदगी,
‎उसका खेल समझ, थोड़ा मुस्कुरा लेना चाहिए ।
‎सहना, कह देने से कहीं कठिन है, तो क्या,
‎एक दिन भोर होगी जरूर, शोर होगा जरूर,
‎अब खिलखिलाकर हँस भी देना चाहिए ।
‎गर ज़िंदगी, कभी नाच नचाये,
‎हंस कर उसके साथ, नाच लेना चाहिए ।

 
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7 घंटे पहले

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