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सरहद के वीरों को एक बहन का पावन संदेसा

                
                                                         
                            सभी आदरणीय वीरों को,
                                                                 
                            
बहन का स्नेह-भरा वंदन।
राखी के पावन अवसर पर,
अर्पित रोली-चावल-चंदन।।

करती अभिवादन, अभिषेक,
हे मेरे वीर, असुर-निकंदन!
सीमा के दुर्जेय प्रहरी,
माँ भारती के प्यारे लाल।
असीम शौर्य से आपके ही,
सुरक्षित यह जग सारा विशाल।।

कानपुर मेडिकल कॉलेज की,
इस बहन का स्नेह-प्रणाम।
देश के रक्षक वीरों के,
अर्पित यह निर्मल सकाम।।

रोली से सजे आपका भाल,
सुख-समृद्धि से भरे थाल।
चंदन-सी शीतल रहे साँस,
पूरण हो यह मेरी आस।।

यह तिलक, अक्षत, राखी-धागा,
कलाई का करे पावन श्रृंगार।
बहन का यह अनमोल भाव,
सभ्य वीर करें स्वीकार।।

सदा सुरक्षित, अमर रहें,
दुश्मन पर बनकर काल रहें।
युग-युग तक कीर्ति गूँजती रहे,
आप सदा चिरंजीवी रहें।।
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15 घंटे पहले

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