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नारी तुम केवल देह नहीं

                
                                                         
                            नारी तुम केवल देह नहीं
                                                                 
                            
नारी तुम शक्ति स्वरूपा हो
ईश्वर ने संसार भर की शक्तियां
समाहित की है तुममें
तभी तो इस समाज को
आशा है तुमसे,उम्मीद है
चाहे कितनी ही बाधाएँ
तुम्हारे रास्ते में क्यों न आ जाएं
चीर के सीना उन बाधाओं का
पा ही लोगी मंज़िल तुम एक दिन
क्योंकि नारी तुम केवल देह नहीं
नारी तुम शक्ति स्वरूपा हो
ईश्वर ने संसार भर की शक्तियां
समाहित की है तुममें

तुम्हारा सीना कोई चट्टान नहीं
क्योंकि चट्टानों से दूध नहीं बहा करते

तुम्हारी आँखें बेहतर है बादलों से भी
जब बरसती हैं तो ,बिजलियों के
कहर नहीं ढहा करते

तुम्हारे आँचल में
खूबियाँ हैं धरती अंबर की
तभी तो प्रेम और आश्रय
दोनों यहीं पला करते

बहन बेटी मां की प्रतिमा हो तुम
तभी तो प्रेम के स्रोत यहीं बहा करते हैं
यहीं है संगम सभी भावों तभी तो
जीवन यहां पला करते हैं

इसीलिए तो परमात्मा ने
बनाया है तुम्हें क्योंकि
नारी तुम केवल देह नहीं
नारी तुम शक्ति स्वरूपा हो
ईश्वर ने संसार भर की शक्तियां
समाहित की है तुममें

डॉ० पूजा कौशिक
 
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5 वर्ष पहले

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