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उन धुरंधरों को हैं प्रमाण…

                
                                                         
                            उन धुरंधरों को हैं प्रमाण
                                                                 
                            
जो देश के लिए मिट जाते हैं
ना कोई मेडल, ना कोई नाम
बस गुमनामी में रह जाते हैं

नमन है उन धुरंधरों को
जो मौत की नींद सो गए
हमारे कल की ख़ातिर
कुर्बान आज वो हो गए

(अंतरा 1)
अपनों की यादों को हरदम
दिल में दबाये वो रहते हैं
जीते हैं वो झूठ को हरदिन
सच को बचाये रहते हैं

तिरंगा मिले न कफन मिले
न मातम हो न आँसू बहे
देश के लिए ही लड़ते हैं वो
देश पर ही वजूद मिटे

(अंतरा 2)
कोई समझे उनको गद्दार
कोई कहे दुश्मन का यार
उनके सीने में हैं रहता
देश के लिए,सच्चा प्यार

किस्से और फिल्मों के जरिए
हम याद उन्हें भी कर लेते हैं
आँखें गीली कर लेते हैं
दुःख में आहें भी भर लेते हैं

धुरंदरों के साहस को तुम
फिल्मों में ना सरेआम करों
वीरों के वालिदानो को यूँ तुम
राजनीति में न बदनाम करों

नमन है उन धुरंधरों को
जो गुमनामी में खो गए
हमारे कल की ख़ातिर वो
कुर्बान आज हो गए।
- महेश यादव
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5 महीने पहले

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