सब्र की राह पर जब चली ज़िन्दगी
ज़िन्दगी को मिली एक नई ज़िन्दगी
ख़्वाब टूटे तो फिर हम ना सोए कभी
तेरी यादों में यूं कट रही जिंदगी
-फ़ौज़िया नसीम शाद
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