कोई ज़रूरत
न एहसास है तू
बाक़ी नज़र की
बस एक प्यास है तू
दुनिया के बारें में
नहीं जानती मैं
मेरे लिए हाँ
बहुत ख़ास है तू ।
- फौज़िया नसीम शाद
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