शरारतें, बेईमान शश्रारबी चंचल मचलती अपनी आंखों से कह दो सनम,
अपने प्यार के अंलाज ना बदले कभी,
अपनी बेताब, बेचैन सांसों से की कह दो मेरा अहसास ना बदले, सनम,
किसी ना किसी दिन आएगा हमारे प्यार का मौसम,
अपनी वफ़ादार धड़कनों से कह दो अपने रुह का हमसफर ना बदलें,
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