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नज़रों का बहकना

                
                                                         
                            तुम्हें देखकर एक बार ही तो बक गई मेरी नजरें,
                                                                 
                            
नज़रों का बहकना ही तो इश्क है, जो हजार बार नहीं होता,
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एक घंटा पहले

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