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नज़रों की चाहत

                
                                                         
                            पहले पहले तो नजरों से चाहत की बात हुई, फिर अल्फाजों से,
                                                                 
                            
दिल ने जब तुम्हें अपना मान लिया तो इजहार की जरूरत नहीं हुई,
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एक घंटा पहले

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