पहले तो मैं जो भी कहता था बहुत अच्छा लगता था,
दिन गुजरते ही अब दिल में चुभ जाती हैं मेरी बात,
आज तुम सिखा रही हो इग्नोर करना मुझे,
पर एक दिन मैं तुम्हें अफसोस करना बताऊंगा.
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