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अजनबी हो गई

                
                                                         
                            तुम ने मुझे धोखा दिया, अफसोस मुझे इस बात का नहीं है,
                                                                 
                            
अफसोस इस बात का धोखा इतनी खामोशी से दिया,
कि मेरे भरोसे की आवाज भी मुझ से अजनबी हो गई,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
41 मिनट पहले

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